"हाथी घोड़ा पालकी, जय कन्हैया लाल की" के जयघोष से गूंजा मंदिर परिसर
उत्तर प्रदेश/ शाहजहांपुर
जनपद में शुक्रवार को जन्माष्टमी के पावन पर्व पर अल्हागंज के प्रसिद्ध शिवराम दरबार में श्रीकृष्ण जन्मोत्सव का भव्य आयोजन हर्षोल्लास और भक्तिमय वातावरण में सम्पन्न हुआ।
जन्मोत्सव को लेकर पूरे मंदिर परिसर को दुल्हन की तरह सजाया गया था। मंदिर को रंग-बिरंगे फूलों, झालरों और आकर्षक विद्युत रोशनियों से आकर्षक रूप दिया गया था। सुबह से ही मंदिर में श्रद्धालुओं के आने का सिलसिला शुरू हो गया जो देर रात तक जारी रहा। ढोल-नगाड़ों और मधुर भजनों की गूंज से पूरा परिसर कृष्णमय हो गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ विधि-विधान से पूजा-अर्चना के साथ हुआ। इस अवसर पर मंदिर के मुख्य पुजारी श्री रामऔतार मिश्रा एवं सर्वेश वर्मा मुख्य रूप से उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में प्रसिद्ध कथावाचक श्री राधेश्याम मिश्रा जी ने अपनी अमृतमयी वाणी से भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं का सजीव वर्णन किया। उन्होंने श्रीकृष्ण के जन्म से लेकर माखन-लीला, कालिया नाग दमन और गोवर्धन पर्वत धारण करने तक की लीलाओं पर विस्तार से प्रकाश डाला और उनके जीवन से मिलने वाले संदेशों को जन-जन तक पहुंचाया। कथा सुनकर श्रद्धालु भाव-विभोर हो गए।
बच्चों की झांकियां बनीं आकर्षण का केंद्र
उत्सव का मुख्य आकर्षण छोटे-छोटे बच्चों द्वारा प्रस्तुत सजीव झांकियां रहीं। राधा-कृष्ण के मनमोहक वेश में सजे बच्चों ने जब मंच पर कृष्ण जन्म लीला का मंचन किया तो पूरा पंडाल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। बच्चों की मनमोहक प्रस्तुति ने उपस्थित सभी श्रद्धालुओं का मन मोह लिया।
कथा के उपरांत देर शाम भव्य भजन-कीर्तन का आयोजन किया गया, जिसमें श्रद्धालुओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। इस दौरान "हाथी घोड़ा पालकी, जय कन्हैया लाल की" के जयकारों से मंदिर परिसर गूंजता रहा। कार्यक्रम के अंत में सभी भक्तों को प्रसाद वितरित किया गया।
आयोजन की संपूर्ण व्यवस्था समाजसेवी भानु मिश्रा ने व्यवस्था प्रमुख के रूप में संभाली। इस दौरान बड़ी संख्या में महिला, पुरुष और बच्चे उपस्थित रहे। पूरे कार्यक्रम के दौरान शांति और अनुशासन व्यवस्था बनी रही।


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