तीन बार के सांसद, केंद्र से लेकर यूपी तक अहम मंत्रालयों का अनुभव:
युवा और शिक्षित नेतृत्व का चेहरा हैं जितिन प्रसाद
लखनऊ / शाहजहांपुर।
उत्तर प्रदेश की सियासत से लेकर देश की केंद्रीय राजनीति में अपनी विशिष्ट पहचान बनाने वाले केंद्रीय राज्य मंत्री जितिन प्रसाद आज किसी परिचय के मोहताज नहीं हैं। शाहजहांपुर के रसूखदार राजनीतिक परिवार से निकलकर उन्होंने विरासत को अपनी कार्यशैली, शिक्षा और जमीनी पकड़ से नई ऊंचाई दी है।
29 नवंबर 1973 को शाहजहांपुर में जन्मे जितिन प्रसाद दिग्गज कांग्रेस नेता और पूर्व सांसद स्वर्गीय जितेंद्र प्रसाद के पुत्र हैं। शुरुआती शिक्षा के बाद उन्होंने दिल्ली के प्रतिष्ठित इंटरनेशनल मैनेजमेंट इंस्टीट्यूट (IMI) से एमबीए की डिग्री हासिल की। राजनीति उन्हें विरासत में मिली, लेकिन उन्होंने खुद को एक शिक्षित, कुशल प्रशासक और जमीनी नेता के रूप में स्थापित किया।
तीन बार लोकसभा में पहुंचे, सबसे युवा मंत्रियों में रहे
उनका संसदीय सफर बेहद कम उम्र में शुरू हुआ। रिकॉर्ड के अनुसार वह तीन बार लोकसभा सांसद चुने जा चुके हैं।
• 2004 में पहली बार - महज 30 साल की उम्र में शाहजहांपुर लोकसभा सीट से जीतकर 14वीं लोकसभा में पहुंचे। • 2009 में दूसरी बार - धौरहरा लोकसभा क्षेत्र से बड़ी जीत दर्ज कर 15वीं लोकसभा में पहुंचे। • 2024 में तीसरी बार - पीलीभीत लोकसभा सीट से भाजपा के टिकट पर जीतकर 18वीं लोकसभा में वापसी की।
इसके बीच 2014, 2017 (तिलहर विधानसभा) और 2019 में उन्हें हार का भी सामना करना पड़ा, जिसने उनके राजनीतिक सफर को और परिपक्व बनाया।
केंद्र में मनमोहन सिंह सरकार के दौरान वह देश के सबसे युवा मंत्रियों में शामिल थे। उन्होंने एक के बाद एक चार महत्वपूर्ण मंत्रालयों में राज्य मंत्री की जिम्मेदारी निभाई -
अप्रैल 2008 से मई 2009 तक इस्पात मंत्रालय,
मई 2009 से जनवरी 2011 तक पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय,
जनवरी 2011 से अक्टूबर 2012 तक सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय और
अक्टूबर 2012 से 2014 तक मानव संसाधन विकास मंत्रालय।
इसके अलावा वह नागरिक उड्डयन मंत्रालय की परामर्श समिति, सूचना प्रौद्योगिकी एवं संचार समिति और याचिका समिति के सदस्य भी रहे।
2021 में बड़ा सियासी बदलाव, भाजपा में मिली नई उड़ान
राजनीति के उतार-चढ़ाव के बीच जून 2021 में उन्होंने बड़ा फैसला लेते हुए भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस छोड़कर भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता ग्रहण की।
भाजपा में शामिल होते ही उन्हें योगी आदित्यनाथ सरकार में राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) के रूप में शामिल किया गया और प्राविधिक शिक्षा विभाग की जिम्मेदारी दी गई।
तत्पश्चात 2022 के विधानसभा चुनाव के बाद उन्हें प्रमोट करते हुए लोक निर्माण विभाग (PWD) जैसे भारी-भरकम विभाग का कैबिनेट मंत्री बनाया गया, जिसे उन्होंने फरवरी 2022 से जून 2024 तक बेहद मुस्तैदी से संभाला।
वर्तमान में मोदी सरकार में अहम भूमिका
2024 के आम चुनाव में भाजपा ने उन पर भरोसा जताते हुए पीलीभीत से मैदान में उतारा और उन्होंने शानदार जीत दर्ज की।
वर्तमान में तीसरी मोदी सरकार में वह बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। 9 जून 2024 से वह वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के साथ-साथ इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय में राज्य मंत्री के रूप में देश के विकास में योगदान दे रहे हैं।
केंद्र में चार मंत्रालयों में राज्य मंत्री, उत्तर प्रदेश में कैबिनेट मंत्री और तीन बार के लोकसभा सांसद का अनुभव रखने वाले जितिन प्रसाद को आज देश के युवा, शिक्षित और विकासवादी सोच वाले नेतृत्व के मजबूत चेहरे के रूप में देखा जाता है, जिनकी लोकप्रियता शाहजहांपुर से लेकर दिल्ली तक बनी हुई है।

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