Top News

शाहजहांपुर: रामगंगा नदी ने लिया रौद्र रूप, खतरे के निशान से 51 Cm ऊपर हुआ जलस्तर

 शाहजहाँपुर में नदियों के जलस्तर की ताजा रिपोर्ट जारी,

 रामगंगा खतरे के निशान से 51cm ऊपर,

अल्हागंज सहित चार दर्जन गांवों में बढ़ा बाढ़ का खतरा 

उत्तर प्रदेश/शाहजहाँपुर 

बाढ़ नियंत्रण कक्ष, शारदा नहर खण्ड द्वारा आज दिनांक 12.09.2026 को प्रातः 08:00 बजे जनपद की नदियों के जलस्तर की रिपोर्ट जारी की गई है। जारी रिपोर्ट के अनुसार जनपद की 4 प्रमुख नदियों में से रामगंगा नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है, जबकि गंगा, गर्रा और खन्नौत तीनों नदियां खतरे के निशान से नीचे हैं।

नदियों की स्थिति (गेज मीटर में) -

1. गंगा नदी (भैंसार डराई घाट तटबंध) - आज का जलस्तर 143.52 मीटर दर्ज किया गया। जो खतरे के निशान 143.65 से 0.13 मीटर नीचे है। हालांकि कल की तुलना में 0.02 मीटर की मामूली बढ़त हुई है।

2. रामगंगा नदी (डबरी घाट) - आज का जलस्तर 137.81 मीटर है, जो खतरे के निशान 137.30 से 0.51 मीटर ऊपर है। बीते 24 घंटे में इसमें 0.07 मीटर की बढ़त दर्ज की गई है।

3. गर्रा नदी (अजीजगंज पुल) - आज का जलस्तर 147.05 मीटर है, जो खतरे के निशान 148.80 से 1.75 मीटर नीचे है। पिछले 24 घंटे में 0.45 मीटर की गिरावट आई है।

4. खन्नौत नदी (लोधीपुर पुल) - आज का जलस्तर 145.55 मीटर है, जो खतरे के निशान 145.75 से 0.20 मीटर नीचे है। कल की अपेक्षा 0.05 मीटर की कमी आई है।

डिस्चार्ज की स्थिति -

बाढ़ नियंत्रण कक्ष के अनुसार दूनी बैराज से गर्रा नदी में 2164 क्यूसेक पानी पास हो रहा है। वहीं कटना नदी में 4150 क्यूसेक डिस्चार्ज है, जो शाहजहाँपुर से पहले गर्रा नदी में मिलती है। खखरा नदी में वर्तमान में शून्य क्यूसेक डिस्चार्ज है, जो पीलीभीत में गर्रा नदी में मिलती है।

अल्हागंज सहित चार दर्जन गांवों में बढ़ा बाढ़ का खतरा 

अल्हागंज क्षेत्र में रामगंगा के बढ़ते जलस्तर को लेकर ग्रामीणों में चिंता की लकीरें बढ़ने लगी है। तीन दिन से जिस तरह से रामगंगा नदी का जलस्तर बढ़ रहा है अगर उसी तरह आगे भी बढ़ोत्तरी हुई तो रामगंगा का जलस्तर नेशनल हाईवे 730 C को पार कर जाएगा। नेशनल हाईवे 730 सी पर बनी पुलियां किसानों के लिए हानिकारक साबित हो सकती हैं। रामगंगा नदी का जलस्तर वैसे ही दो दिन से खतरे के निशान से 29 सेंटीमीटर वह रहा है अगर 10/15 सेंटीमैटर और बढ़ोत्तरी होती है तो नेशनल हाईवे 730 सी के पूर्व साइड में स्थित हजारों एकड़ किसानों की फसलें जलमग्न हो जाएगी। इस दौरान 30 से 40 गांव जिसमें 50 हजार लोगों को बढ़ का खतरा बढ़ जाएगा। बढ़ते जलस्तर को लेकर किसानों को चिंता सताने लगी है।

Post a Comment

Previous Post Next Post

🎧 LIVE FM RADIO




🔊 Volume