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नई दिल्ली: अमेरिका-ईरान टकराव से कच्चा तेल 100 डॉलर पार, 6 हफ्ते में सबसे महंगा, भारत में पेट्रोल-डीजल बढ़ने की आशंका


 एक महीने में 22% उछला क्रूड, होर्मुज स्ट्रेट से दुनिया के 20% तेल की सप्लाई होती है, भारत 50% कच्चा तेल वहीं से मंगाता है

नई दिल्ली, 9 सितंबर।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है। ब्रेंट क्रूड का भाव मंगलवार 9 सितंबर को 100 डॉलर प्रति बैरल के स्तर को पार कर गया। यह पिछले छह हफ्तों का सबसे ऊंचा स्तर है। इससे आम लोगों की जेब पर पेट्रोल-डीजल और रसोई गैस के महंगे होने का खतरा बढ़ गया है।

जानकारी के मुताबिक सोमवार को अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड में 2.25 फीसदी की तेजी आई। इसके पहले क्रूड 98 डॉलर प्रति बैरल पर था। इससे पहले 24 जुलाई को क्रूड 100 डॉलर के स्तर पर पहुंचा था। पिछले एक महीने की बात करें तो कच्चे तेल में 22 फीसदी की बढ़ोतरी हो चुकी है। 10 अगस्त को ब्रेंट क्रूड 82 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था।

5 टैंकर तबाह होने से बढ़ा तनाव

कीमतों में इस उछाल की मुख्य वजह अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता सैन्य तनाव है। यूएस सेंट्रल कमांड ने मंगलवार देर रात बयान जारी कर बताया कि अमेरिकी सेना ने ईरान के 5 तेल टैंकरों को नष्ट कर दिया है। अमेरिका के अनुसार यह कार्रवाई ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स द्वारा अमेरिकी नौसेना के युद्धपोत पर बैलिस्टिक मिसाइल से हमला करने के जवाब में की गई है।

होर्मुज स्ट्रेट बंद होने का डर

तेल बाजार में दहशत की सबसे बड़ी वजह 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' का असुरक्षित होना है। यह करीब 167 किलोमीटर लंबा समुद्री मार्ग है, जो फारस की खाड़ी को अरब सागर से जोड़ता है। दुनिया के कुल पेट्रोलियम कारोबार का 20 फीसदी हिस्सा इसी रास्ते से गुजरता है। सऊदी अरब, इराक, कुवैत जैसे देश अपने तेल निर्यात के लिए इसी पर निर्भर हैं। ईरान खुद भी इसी रूट से तेल एक्सपोर्ट करता है।

भारत के लिए यह रूट बेहद अहम है। भारत अपनी जरूरत का लगभग 50 फीसदी कच्चा तेल और 54 फीसदी एलएनजी इसी रास्ते से आयात करता है। ईरान में जारी जंग के कारण यह रूट अब सुरक्षित नहीं रहा है और खतरे को देखते हुए कोई भी तेल टैंकर वहां से नहीं गुजर रहा है।

भारत में क्या पड़ेगा असर

अगर कच्चे तेल के दाम इसी तरह बढ़ते रहे तो देश में पेट्रोल-डीजल और एलपीजी के दाम बढ़ सकते हैं। मई महीने में ही सरकारी तेल कंपनियों आईओसी, बीपीसीएल और एचपीसीएल ने महंगे अंतरराष्ट्रीय क्रूड का हवाला देकर पेट्रोल और डीजल दोनों में किस्तों में कुल 7.50 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की थी। देश में एक लाख से ज्यादा पेट्रोल पंपों में से 90 फीसदी से अधिक पर इन्हीं तीनों कंपनियों का नियंत्रण है।

फिलहाल देश के प्रमुख शहरों में पेट्रोल-डीजल के दाम इस प्रकार हैं - दिल्ली में पेट्रोल 102.12 और डीजल 95.20, मुंबई में 111.21 और 97.83, कोलकाता में 113.51 और 99.82, चेन्नई में 107.77 और 99.55, लखनऊ में 102.05 और 99.28, भोपाल में 114.65 और 99.74 रुपये प्रति लीटर है।

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