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शाहजहांपुर : शहर विधानसभा सीट पर बढ़ी सियासी हलचल, क्या 2027 में होगा खन्ना vs जयेश?


फोटो: शंकराचार्य से आशीर्वाद लेते पूर्व एमएलसी जयेश प्रसाद 


शंकराचार्य का आशीर्वाद लेकर लौटे जयेश प्रसाद, 

सालधा आश्रम से शाहजहांपुर तक सियासी संदेश: 

शंकराचार्य से मिले पूर्व MLC जयेश प्रसाद, नगर विधानसभा में नए समीकरण के संकेत

उत्तर प्रदेश/शाहजहांपुर।

 नगर विधानसभा चुनाव 2027 से पहले शाहजहांपुर की सियासत में हलचल तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व विधान परिषद सदस्य कुंवर जयेश प्रसाद ने छत्तीसगढ़ के सालधा आश्रम पहुंचकर ज्योतिष पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती जी महाराज के दर्शन कर आशीर्वाद लिया। इस मुलाकात की तस्वीरें सामने आते ही जिले के राजनीतिक गलियारों में इसके सियासी मायने निकाले जाने लगे हैं।

बताया जा रहा है कि जयेश प्रसाद बीते कुछ दिनों से शाहजहांपुर नगर विधानसभा सीट पर बेहद सक्रिय हैं। प्रसाद भवन से जुड़ा परिवार जनपद में राजनीति का केंद्र माना जाता रहा है और जयेश प्रसाद सपा के कद्दावर नेताओं में गिने जाते हैं। उनकी सक्रियता के बाद उनके समर्थकों और प्रसाद भवन से जुड़े लोगों के एकजुट होने की चर्चाएं तेज हैं।

समर्थकों का मानना है कि यदि सपा नेतृत्व इस बार नगर सीट पर नया प्रयोग करता है तो चुनावी समीकरण पूरी तरह बदल सकते हैं। विभिन्न सामाजिक वर्गों में उनकी पकड़ और प्रसाद भवन के प्रभाव को उनकी सबसे बड़ी ताकत माना जा रहा है।

नौ बार के विधायक सुरेश खन्ना के सामने कौन?

गौरतलब है कि शाहजहांपुर नगर विधानसभा सीट पर लंबे समय से भाजपा के दिग्गज नेता और प्रदेश सरकार के वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना का एकछत्र राज रहा है। वे यहां से लगातार नौ बार विधायक चुने जा चुके हैं। यह सीट ऐसी है जहां समाजवादी पार्टी आज तक साइकिल नहीं चला पाई है।

सुरेश खन्ना के सामने सपा से जिलाध्यक्ष तनवीर खान कई बार चुनाव मैदान में उतरे लेकिन हर बार उन्हें हार का सामना करना पड़ा। ऐसे में 2027 के विधानसभा चुनाव में सपा इस बार बड़ा दांव चलने की तैयारी में है।

सियासी सूत्रों की मानें तो सपा सुरेश खन्ना को टक्कर देने के लिए पूर्व एमएलसी जयेश प्रसाद पर भरोसा जता सकती है। यदि यह मुकाबला सुरेश खन्ना बनाम जयेश प्रसाद होता है तो शाहजहांपुर नगर का चुनाव पूरे प्रदेश में सबसे रोचक मुकाबलों में से एक हो सकता है।

फिलहाल शंकराचार्य से आशीर्वाद लेकर लौटे जयेश प्रसाद की तस्वीरों ने नगर की सियासत में नई बहस छेड़ दी है, लेकिन अंतिम तस्वीर सपा के टिकट वितरण और 2027 के चुनावी समीकरण बनने के बाद ही साफ होगी।

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