गलत इंजेक्शन लगाने के बाद बिगड़ी थी शाहिदा की हालत,
मौत के बाद क्लीनिक बंद कर फरार हुआ कथित झोलाछाप डॉक्टर
परिजनों ने दी तहरीर, स्वास्थ्य विभाग ने जांच टीम गठित करने की बात कही—कार्रवाई अब तक नदारद
यूपी/मिर्जापुर/शाहजहांपुर
मिर्जापुर क्षेत्र में अवैध अस्पतालों और कथित झोलाछाप डॉक्टरों का गोरखधंधा थमने का नाम नहीं ले रहा है। गंभीर हादसे के बाद भी कार्रवाई न होने से स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। आरोप है कि 27 अगस्त को बहरिया निवासी 40 वर्षीय शाहिदा अपने बेटे के साथ दवा लेने मिर्जापुर के पांडे मार्केट गई थीं। वहां कथित झोलाछाप डॉक्टर ने उन्हें इंजेक्शन लगाया और घर भेज दिया। घर पहुंचने के बाद उनकी हालत बिगड़ गई और उनकी मौत हो गई।
महिला की मौत के बाद कथित डॉक्टर अपना क्लीनिक बंद कर मौके से फरार हो गया। मृतका के परिजनों ने मामले में प्रार्थना पत्र देकर कथित झोलाछाप के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। इसके बावजूद घटना के चार दिन बाद भी आरोपी डॉक्टर अथवा उसके क्लीनिक के खिलाफ कोई कार्रवाई सामने नहीं आई है।
अवैध कारोबार पर कब कसेगा शिकंजा?
स्थानीय लोगों का आरोप है कि मिर्जापुर क्षेत्र में अवैध अस्पताल, एक्स-रे सेंटर, कथित झोलाछाप डॉक्टर और बिना मानकों के संचालित पैथोलॉजी लैब बड़ी संख्या में चल रहे हैं। कार्रवाई के अभाव में इनका धंधा लगातार फल-फूल रहा है। महिला की मौत जैसी गंभीर घटना के बाद भी कार्रवाई में देरी से लोगों में नाराजगी है।
लोगों का सवाल है कि आखिर स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई के लिए और कितनी घटनाओं का इंतजार किया जाएगा? यदि संबंधित संस्थान और डॉक्टर नियमों के विपरीत संचालित पाए जाते हैं तो समय रहते उन पर शिकंजा क्यों नहीं कसा जा रहा है।
वहीं इस संबंध में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ विवेक कुमार मिश्रा ने बताया कि विभाग द्वारा टीम गठित की गई है जांच चल रही है दोषी पाए जाने पर कार्यवाही की जाएगी।


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