पंचाघाट से गोला जा रहे कांवड़ियों पर फूलों की वर्षा, आशुतोष अग्निहोत्री आशू ने किया फलाहार भंडारा
उत्तर प्रदेश/शाहजहांपुर
सावन के पवित्र माह में शिवभक्ति का अनोखा संगम अल्हागंज में देखने को मिला। फर्रुखाबाद के प्रसिद्ध पंचाघाट से गंगाजल भरकर लखीमपुर खीरी स्थित गोला गोकर्णनाथ मंदिर तक पैदल जा रहे कांवड़ियों का अल्हागंज में भव्य स्वागत किया गया।
कटरा-बेवर नेशनल हाईवे 730-सी पर अल्हागंज कस्बे में राजकीय ठेकेदार आशुतोष अग्निहोत्री आशू द्वारा कांवड़ियों के लिए फलाहार भंडारे का आयोजन किया गया। प्रत्येक सोमवार को की जा रही सेवा के क्रम में इस बार शुक्रवार को भी बड़ी संख्या में पहुंचे कांवड़ जत्थों पर फूल बरसाकर उनका स्वागत किया गया और फलाहार कराया गया।
फोटो में साफ देखा जा सकता है कि आशुतोष अग्निहोत्री और उनके सहयोगी हाथों में गुलाब की पंखुड़ियां और फल की टोकरी लिए कांवड़ियों का स्वागत करने में जुटे हैं। मार्ग को तिरंगे के रंगों से सजाया गया था, जिससे पूरा माहौल भक्तिमय और देशभक्ति से ओतप्रोत नजर आया। जमीन पर बिखरे गुलाब के फूल इस आत्मीय स्वागत के गवाह बने।
ज्ञात हो कि सावन माह में हजारों श्रद्धालु पंचाघाट फर्रुखाबाद से गंगा जल लेकर ढोल-नगाड़ों के साथ लगभग 150 किलोमीटर से अधिक की पैदल यात्रा करते हुए गोला गोकर्णनाथ धाम पहुंचते हैं। वहाँ छोटी काशी के नाम से प्रसिद्ध शिवलिंग पर जल अर्पित कर मनोकामना पूर्ति और भोलेनाथ का आशीर्वाद प्राप्त करते हैं।
इस दौरान अल्हागंज उनका प्रमुख पड़ाव होता है। आशुतोष अग्निहोत्री द्वारा पिछले कई वर्षों से लगातार सावन के प्रत्येक सोमवार को कांवड़ियों की सेवा की जाती है। इस वर्ष श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए शुक्रवार को भी विशेष भंडारे का आयोजन किया गया।
आशुतोष अग्निहोत्री ने कहा कि "कांवड़ियों की सेवा ही शिव की सेवा है। जो श्रद्धा और तपस्या के साथ इतनी लंबी यात्रा कर रहे हैं, उनका उत्साह बढ़ाना हम सभी का कर्तव्य है। सावन भर यह सेवा अनवरत जारी रहेगी।"
भंडारे के दौरान केले, सेब, आम सहित अन्य फल और जल का वितरण किया गया। स्थानीय लोगों ने भी इस पुनीत कार्य में सहयोग किया। कांवड़ियों ने भंडारा आयोजकों का आभार जताते हुए कहा कि अल्हागंज में मिलने वाला सम्मान और सेवा उनकी थकान को दूर कर देती है।


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