Top News

शाहजहांपुर में मनाया गया विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस

 



वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने किया चित्र प्रदर्शनी का अवलोकन

शहीद उद्यान से गांधी भवन तक निकला मौन कैंडल मार्च, 

बंटवारे के पीड़ितों को दी गई श्रद्धांजलि

उत्तर प्रदेश/शाहजहांपुर

जनपद में 14 अगस्त को विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के अवसर पर विविध कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इस दौरान शहीद उद्यान पार्क से गांधी भवन तक मौन कैंडल मार्च निकाला गया और बंटवारे की त्रासदी झेलने वाले परिवारों को नमन किया गया।

कार्यक्रम का नेतृत्व प्रदेश के वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री श्री सुरेश कुमार खन्ना ने किया। उन्होंने जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों एवं आमजन के साथ हाथों में मोमबत्ती लेकर शहीद उद्यान से गांधी भवन तक पैदल मार्च किया।

कैंडल मार्च में राज्यसभा सांसद मिथिलेश कठेरिया, जलालाबाद विधायक हरिप्रकाश वर्मा, जिलाधिकारी धर्मेंद्र प्रताप सिंह, मुख्य विकास अधिकारी उत्कर्ष द्विवेदी, सिटी मजिस्ट्रेट रजनीकांत, महानगर अध्यक्ष शिल्पी गुप्ता, जिला सहकारी बैंक अध्यक्ष डीपीएस राठौर, जिला अध्यक्ष केसी मिश्रा, विनीत कुमार मिश्रा सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, अधिकारी और पंजाबी समाज के पदाधिकारी शामिल रहे।


गांधी भवन में लगी चित्र प्रदर्शनी

गांधी भवन में विभाजन विभीषिका पर आधारित चित्र प्रदर्शनी लगाई गई, जिसका वित्त मंत्री ने संभ्रांत व्यक्तियों के साथ अवलोकन किया। इसके बाद गांधी भवन सभागार में काकोरी ट्रेन एक्शन के नायकों पंडित राम प्रसाद बिस्मिल, ठाकुर रोशन सिंह एवं अशफाक उल्ला खां के चित्रों पर माल्यार्पण कर कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया गया।

गोष्ठी में विभाजन विभीषिका पर आधारित डॉक्यूमेंट्री फिल्म का प्रदर्शन भी किया गया, जिसमें लाखों लोगों के विस्थापन, मानवीय त्रासदी और ब्रिटिश शासन की दूषित मानसिकता को दर्शाया गया।

वित्त मंत्री बोले - यह दुनिया की सबसे बड़ी त्रासदियों में से एक

इस अवसर पर वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि भारत विभाजन की त्रासदी बहुत ही दुखद घटना है। 1933 से 1940 तक देश में बंटवारे की भावना भर दी गई। 1940 में एक व्यक्ति की अलग देश बनाने की चाहत में एक करोड़ 40 लाख परिवार प्रभावित हुए। बंटवारे में सबसे ज्यादा त्रासदी पंजाब और बंगाल के लोगों ने झेली।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2021 से 14 अगस्त को विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के रूप में मनाने का निर्णय लिया है, ताकि त्रासदी झेलने वाले परिवारों को सम्मानित किया जा सके और वर्तमान व भावी पीढ़ी को उस यातना का स्मरण कराया जा सके।


मंत्री ने कहा कि इस त्रासदी से हमें सीख लेनी चाहिए कि हम आपसी भाईचारे और सामाजिक सौहार्द को बनाए रखें और संकल्प लें कि भविष्य में कभी भी ऐसी घटना न दोहराई जाए जिससे मानवता शर्मसार हो।


राज्यसभा सांसद और पीड़ित परिवार ने साझा किया दर्द


राज्यसभा सांसद मिथिलेश कठेरिया ने कहा कि 15 अगस्त 1947 को आजादी के साथ ही बंटवारे का दर्द लाखों परिवारों में गहरे जख्म की तरह घर कर गया। इस भौगोलिक बंटवारे ने देश को सामाजिक, सांस्कृतिक, आर्थिक और मानसिक रूप से झकझोर दिया था।


कार्यक्रम में विभाजन के पीड़ित किशन लाल छाबरा ने अपने पूर्वजों द्वारा झेली गई पीड़ा को साझा किया। उन्होंने कहा कि वह समय बेहद पीड़ादायक था, हमें उस इतिहास को याद रखकर संकल्प लेना होगा कि अमन-चैन और शांति के साथ स्वस्थ समाज का निर्माण करें।


पीड़ित परिजनों का सम्मान


कार्यक्रम के अंत में वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने भारत विभाजन विभीषिका त्रासदी में शहीद हुए लोगों के परिजनों को अंगवस्त्र ओढ़ाकर सम्मानित किया।

इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी प्रशासन रजनीश कुमार मिश्र, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व अरविंद कुमार, एसपी सिटी देवेंद्र कुमार, जिला विकास अधिकारी ऋषिपाल सिंह, जिला विद्यालय निरीक्षक हरिवंश कुमार, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी जयशंकर श्रीवास्तव, प्रधानाचार्य राजकीय इंटर कॉलेज सहित अन्य अधिकारी व जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।

Post a Comment

Previous Post Next Post

🎧 LIVE FM RADIO




🔊 Volume