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शाहजहांपुर: दिल्ली जंतर मंतर पर छात्रों को समर्थन देने जा रहे किसान कल्याण महासंघ को पुलिस ने रोका

 

फोटो: दिल्ली जाते किसानों को रोकती पुलिस 


दिल्ली में छात्रों के आंदोलन के समर्थन में जा रहे किसान कल्याण महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजेश दीक्षित नजरबंद, 

दिल्ली जाते समय पुलिस ने घर पर रोका, किसानों से तीखी नोंक झोंक

उत्तर प्रदेश/शाहजहांपुर 

यूपी के शाहजहांपुर में अल्हागंज पुलिस ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर पेपर लीक मामले को लेकर चल रहे छात्रों के आंदोलन के समर्थन में शामिल होने जा रहे किसान कल्याण महासंघ यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजेश दीक्षित और उनके साथियों को शुक्रवार सुबह से ही अल्हागंज पुलिस ने उनके आवास पर ही नजरबंद कर दिया।

बताया जा रहा है कि संगठन दो दिन पहले से ही दिल्ली कूच की तैयारी में था, लेकिन पुलिस ने पहले ही कार्यकर्ताओं को नजरबंद कर दिया था। शनिवार सुबह जैसे ही राजेश दीक्षित अपने किसान कार्यकर्ताओं के साथ दिल्ली के लिए रवाना होने लगे, बड़ी संख्या में पहुंचे पुलिस फोर्स ने उन्हें रोक दिया। इस दौरान पुलिस और किसान नेताओं के बीच तीखी नोक झोंक भी हुई। पुलिस ने स्पष्ट कर दिया कि उन्हें किसी भी कीमत पर दिल्ली नहीं जाने दिया जाएगा।


फोटो बीजेपी सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते किसान 


इस कार्रवाई पर नाराजगी जताते हुए राष्ट्रीय अध्यक्ष राजेश दीक्षित ने कहा कि शांतिपूर्ण तरीके से लोकतांत्रिक अधिकार का प्रयोग करने से उन्हें रोका जा रहा है। किसी भी नागरिक को शांतिपूर्ण प्रदर्शन में शामिल होने का संवैधानिक अधिकार है, लेकिन पुलिस ने उन्हें दिल्ली जाने से रोककर इस अधिकार का हनन किया है। उन्होंने कहा कि जैसे ही अवसर मिलेगा, वह अपने किसान कार्यकर्ताओं के साथ दिल्ली के लिए प्रस्थान करेंगे। यात्रा की सभी तैयारियां पूरी हैं।


किसान कल्याण महासंघ ने छात्रों के हित में उठाई मांग

किसान कल्याण महासंघ ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर धरना दे रहे छात्र-छात्राओं पर दिल्ली पुलिस द्वारा किए गए कथित हमले की कड़ी निंदा की है। संगठन ने मांग की है कि दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई हो, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान तत्काल इस्तीफा दें और शिक्षा तंत्र में बड़े बदलाव किए जाएं।

संगठन ने अपनी मांगों में कहा कि पेपर लीक मामले में सख्त कानून बनाया जाए, दोषियों को 2 महीने के अंदर फांसी की सजा दी जाए और उनकी संपत्ति नीलाम की जाए। लीक हुए पेपर के पीड़ित छात्रों को दोबारा परीक्षा का मौका, आयु सीमा में छूट, किराया, फॉर्म फीस और चालान सहित सभी सुविधाएं मुफ्त दी जाएं और आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिजनों को एक-एक करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जाए।

इसके साथ ही संगठन ने किसानों के मुद्दे भी उठाए। राजेश दीक्षित ने कहा कि यूरिया खाद की बोरी 275 रुपये के स्थान पर किसानों को 400 रुपये में दी जा रही है और बाजारों में फसलों की नकली दवाइयां खुलेआम बेची जा रही हैं, जिस पर तत्काल कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि किसानों और छात्रों की आवाज को दबाया नहीं जा सकता, संगठन लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखता रहेगा।

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