मेघनाद-रावण वध और श्रीराम राज्याभिषेक की कथा से भावविभोर हुए श्रद्धालु
उत्तर प्रदेश/शाहजहांपुर
अल्लाहगंज में नगर के सुप्रसिद्ध देवस्थान बारह पत्थर धाम पर 24 सितंबर से चल रही 11 दिवसीय विशुद्ध श्रीराम कथा का रविवार को विधिवत समापन हो गया। वेदव्यास पंडित सत्यदेव द्विवेदी जी महाराज ने अपने मुखारबिंद से भगवान श्रीराम के जन्म से लेकर समस्त लीलाओं का भावपूर्ण वर्णन किया।
कथा के अंतिम दिन रविवार को मेघनाद वध और रावण वध का मार्मिक प्रसंग सुनाया गया। कथा व्यास ने बताया कि किस प्रकार माता सीता के अपहरण के बाद भगवान राम ने वानर सेना के सहयोग से लंका पर चढ़ाई की। लक्ष्मण और मेघनाद के घोर युद्ध में अंततः मेघनाद का वध हुआ, जिससे रावण का मनोबल टूट गया। इसके बाद श्रीराम और रावण के बीच हुए धर्मयुद्ध में भगवान राम ने विजयादशमी के दिन अहंकारी रावण का वध कर धर्म की स्थापना की।
रावण वध के पश्चात अयोध्या वापसी पर भगवान श्रीराम का भव्य राज्याभिषेक कराया गया। इस दिव्य प्रसंग के दौरान पूरा पंडाल "जय श्रीराम" के जयकारों से गूंज उठा और श्रद्धालु भावविभोर हो गए।
गौरतलब है कि 24 सितंबर को जलयात्रा एवं याज्ञवल्क्य-भरद्वाज संवाद के साथ प्रारंभ हुई इस कथा में 11 दिनों तक सती चरित्र, शिव विवाह, राम जन्म, बाल लीला, अहिल्या उद्धार, धनुष यज्ञ-राम विवाह, राम वनवास, केवट संवाद, भरत मिलाप, सीता हरण, सुग्रीव मित्रता, लंका दहन जैसे प्रसंगों का दिव्य प्रवचन हुआ।
व्यवस्थापक संजीव गुप्ता ने बताया कि सोमवार 5 अक्टूबर को प्रातः 10 बजे यज्ञ-हवन के साथ विशाल भंडारे का आयोजन किया जाएगा। दोपहर 1 बजे से प्रभु इच्छा तक चलने वाले भंडारे में नगर क्षेत्र के सभी श्रद्धालुओं को सादर आमंत्रित किया गया है।


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