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बरेली के DIG अजय कुमार साहनी को तीसरी बार राष्ट्रपति वीरता पदक, DGP राजीव कृष्ण ने किया सम्मानित

 


लखनऊ/बरेली। 

79वें स्वतंत्रता दिवस (15 अगस्त 2026) के अवसर पर उत्तर प्रदेश पुलिस के एनकाउंटर स्पेशलिस्ट कहे जाने वाले बरेली रेंज के DIG अजय कुमार साहनी को तीसरी बार राष्ट्रपति वीरता पदक (President's Gallantry Medal) से सम्मानित किया गया।

पुलिस मुख्यालय, लखनऊ में आयोजित अलंकरण समारोह में यूपी के DGP राजीव कृष्ण ने उन्हें यह सम्मान प्रदान किया। इस बार प्रदेश के कुल 17 पुलिस अधिकारियों-कर्मियों को वीरता पदक मिला है, जिनमें साहनी भी शामिल हैं।  

किस एनकाउंटर के लिए मिला तीसरा पदक?

यह पदक उन्हें 25 जनवरी 2020 की रात मेरठ में हुई एक मुठभेड़ के लिए मिला है। उस समय साहनी मेरठ के SSP थे।

ट्रांसपोर्ट नगर में लूट कर भाग रहे बदमाशों ने पुलिस पर कार्बाइन और पिस्टल से फायरिंग कर दी थी। इस फायरिंग में इंस्पेक्टर दिनेश कुमार और हेड कांस्टेबल मनोज कुमार घायल हो गए थे, जबकि एक गोली साहनी की बुलेट प्रूफ जैकेट में जा धंसी थी।  

जवाबी कार्रवाई में उन्होंने एक लाख रुपये के इनामी कुख्यात बदमाश चांद उर्फ काले को ढेर कर दिया था। उस पर हत्या, लूट और डकैती के 50 से अधिक मुकदमे दर्ज थे। इसी क्रम में फरवरी 2020 में दिल्ली के चर्चित नायडू गैंग के सरगना शिवशक्ति नायडू और डी-9 गैंग के सुजीत सिंह उर्फ बुढ़वा का भी एनकाउंटर किया गया था।  

कौन हैं अजय साहनी? • 2009 बैच के IPS, यूपी कैडर। वर्तमान में बरेली रेंज के DIG।   • पुलिस महकमे में एनकाउंटर स्पेशलिस्ट के तौर पर पहचान। अब तक 650 से अधिक एनकाउंटर और 52 कुख्यात अपराधियों को ढेर करने का रिकॉर्ड बताया जाता है।   • जन्म: 11 जुलाई 1981 को महराजगंज के आनंदनगर में किसान परिवार में। मां चंद्रमला साहनी शिक्षिका हैं।   • इलाहाबाद विश्वविद्यालय से 2004 में अर्थशास्त्र में MA, उसके बाद 2009 में दूसरी बार के प्रयास में IPS बने। • इससे पहले दो बार राष्ट्रपति वीरता पदक और DGP के तीनों मेडल तथा मुख्यमंत्री शौर्य सम्मान भी मिल चुका है।    करियर की झलक

पहली पोस्टिंग 2010 में मुरादाबाद में कुंदरकी थाने से शुरू हुई। इसके बाद कानपुर में मोनू-लिटिल चंदेल एनकाउंटर, बुलंदशहर में SP सिटी के तौर पर माफिया पर कार्रवाई, सिद्धार्थनगर में बावरिया गैंग पर शिकंजा, आजमगढ़ दंगे पर नियंत्रण, अलीगढ़ में साधु हत्याकांड का खुलासा, बाराबंकी में शराब तस्करी रैकेट का भंडाफोड़ और मेरठ में दो साल SSP रहते हुए कानून-व्यवस्था को सख्ती से लागू करना उनकी प्रमुख उपलब्धियों में गिना जाता है।  DIG साहनी खुद कहते हैं कि अपराध नियंत्रण केवल डर से नहीं, बल्कि जनता के विश्वास से होता है।  

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