यूपी/शाहजहांपुर/बंडा
गहलुईया पुल पर मुस्तादी से कर रहे ड्यूटी पुलिसकर्मी ने एक युवक की जान बचाई घरवालों से किसी बात से नाराज होकर शारदा नहर में कूदने को आया और जैसे ही कपड़े निकाले कूदने की कोशिश की वैसे ही सचिन कुमार मिश्रा ब। वीरेंद्र कुमार शुक्ला ने बहादुर दिखाते युवक को पकड़ लिया और उसकी जान बचा ली वही घर वालों का कहना है की अगर वाजपेई जी ना होते तो मेरा भाई इस दुनिया में नहीं होता कहते हैं पुलिस सिर्फ कानून की रखवाली नहीं करती, कई बार वह देवदूत बनकर किसी की जिंदगी भी बचा लेती है। ऐसा ही एक सराहनीय कार्य किया जानकारी के अनुसार शारदा नहर गहलुईया पुल थाना बंडा में तैनात सिपाही सचिन कुमार मिश्रा और वीरेंद्र प्रताप शुक्ला गहलुईया पुल पर अपनी ड्यूटी पर मौजूद थे
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि वयन्त सिंह ने आते ही अपने कपड़े उतार दिए और पुल की रेलिंग पर चढ़कर नहर में छलांग लगाने की कोशिश करने लगा। वह जोर-जोर से चिल्ला रहा था कि "मैं अपने भाइयों से लड़कर आया हूँ, आज मैं मर जाऊंगा।"
जैसे ही ड्यूटी पर तैनात सिपाहियों की नजर उस पर पड़ी, दोनों ने बिना एक सेकंड गंवाए दौड़ लगा दी और उसे रेलिंग से खींचकर नीचे उतार लिया। इसके बाद उसे प्यार से बैठाकर समझाया-बुझाया।
पूछताछ में वयन्त सिंह ने बताया कि उसका अपने बड़े भाई से पारिवारिक विवाद हो गया था, जिससे वह मानसिक रूप से परेशान था और गुस्से में आकर आत्महत्या करने का फैसला ले लिया।
मामले की गंभीरता को समझते हुए सिपाही सचिन कुमार मिश्रा ने तुरंत उसके भाई को मौके पर बुलाया। पुलिस ने दोनों भाइयों को समझा-बुझाकर वयन्त सिंह को सकुशल परिजनों के सुपुर्द कर दिया।

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