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नई दिल्ली: यूपी में ब्राह्मण कार्ड पर दांव लगा रही हैं मायावती

 


 2007 की तरह मिलेगा पूरा मान-सम्मान: मायावती 

नई दिल्ली। 

उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले बहुजन समाज पार्टी (बसपा) ने एक बार फिर ब्राह्मण-दलित समीकरण को साधने की कवायद तेज कर दी है। बसपा सुप्रीमो मायावती ने ब्राह्मण समाज को साधते हुए बड़ा बयान दिया है।

बसपा प्रमुख मायावती ने शनिवार को जारी एक बयान में ब्राह्मण समाज से बसपा से जुड़ने की अपील की है। उन्होंने कहा कि ब्राह्मण समाज बसपा के साथ पूरी मजबूती से जुड़ा रहे, पार्टी उन्हें पूरा मान-सम्मान देगी।

मायावती ने अपने बयान में कहा, "बसपा खासकर ब्राह्मण समाज को यह भी विश्वास दिलाना चाहती है कि वे अपनी पूरी मजबूती के साथ पार्टी से जुड़े रहें। उन्हें हर चुनाव में उनकी तैयारी के आधार पर उनकी भागीदारी यानी चुनावी उम्मीदवार बनाने और सरकार बनने पर सन 2007 की तरह ही उचित मान-सम्मान दिया जाएगा।"

गौरतलब है कि 2007 में मायावती ने सोशल इंजीनियरिंग के तहत ब्राह्मण, दलित और मुस्लिम गठजोड़ से उत्तर प्रदेश में पूर्ण बहुमत की सरकार बनाई थी। उस समय "ब्राह्मण शंख बजाएगा, हाथी बढ़ता जाएगा" का नारा काफी चर्चित रहा था। अब एक बार फिर मायावती उसी फॉर्मूले के सहारे सत्ता में वापसी का सपना देख रही हैं।

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यूपी में लगातार कमजोर हो रही बसपा के लिए ब्राह्मण वोट बैंक एक बार फिर से संजीवनी साबित हो सकता है। भाजपा और सपा के बीच चल रही सियासी लड़ाई में बसपा खुद को तीसरे विकल्प के तौर पर पेश करने की कोशिश में है।

मायावती के इस बयान के बाद यूपी की सियासत गरमा गई है। देखना होगा कि ब्राह्मण समाज बसपा प्रमुख की इस अपील पर कितना भरोसा जताता है।

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