सीएम डैशबोर्ड समीक्षा में डीएम सख्त, खराब रैंकिंग पर अधिकारियों को लगाई फटकार
लंबित परियोजनाएं जल्द पूरी करें, डीएम ने कार्यदायी संस्थाओं को दिए निर्देश
जिला ओटीडी (वन ट्रिलियन डॉलर) सेल की त्रैमासिक बैठक सम्पन्न
उत्तर प्रदेश/शाहजहांपुर
यूपी के शाहजहांपुर में जिलाधिकारी धर्मेंद्र प्रताप सिंह की अध्यक्षता में सी0एम0डैशबोर्ड पर प्रदर्शित फ्लैगशिप परियोजनाओं/विकास कार्यक्रमों की मासिक समीक्षा बैठक विकास भवन सभागार में आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न विभागों की रैंकिंग की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने खराब प्रदर्शन करने वाले संबंधित अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई और स्पष्टीकरण के निर्देश दिए। उन्होंने अपने-अपने विभागों की रैंकिंग 'ए' श्रेणी में लाने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। समीक्षा के दौरान एनआरएलएम, मनरेगा, आईसीडीएस (पोषण अभियान), स्वास्थ्य विभाग की योजना, फैमिली आईडी आदि की रैंकिंग ठीक न होने जिलाधिकारी ने नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने लंबित योजनाओं की साप्ताहिक समीक्षा कराने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने कहा कि प्रमुख योजनाओं एवं विकास कार्यों का समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन सर्वोच्च प्राथमिकता में शामिल है। निर्धारित समयावधि के उपरांत कोई भी प्रकरण या कार्य लंबित नहीं रहना चाहिए। सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे अपने-अपने विभागों में संचालित सभी योजनाओं की नियमित समीक्षा करें तथा मुख्यमंत्री डैशबोर्ड पोर्टल पर उपलब्ध सूचनाओं का निरंतर सत्यापन करते रहें। उन्होंने कहा कि योजनाओं की प्रगति के साथ-साथ पोर्टल पर सही एवं समयबद्ध आंकड़ों की फीडिंग सुनिश्चित करना भी विभागीय अधिकारियों की जिम्मेदारी है।
जिलाधिकारी ने जिला ओटीडी (वन ट्रिलियन डॉलर) सेल की त्रैमासिक समीक्षा में जनपद की अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ बनाने, सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में वृद्धि तथा विभिन्न विभागों के निर्धारित लक्ष्यों एवं प्रगति की विस्तृत समीक्षा की।
जिलाधिकारी ने कहा कि उत्तर प्रदेश को एक ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य की प्राप्ति में जनपदों की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक विभाग अपने-अपने क्षेत्र में निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप कार्य करते हुए उत्पादन, रोजगार, निवेश एवं सेवाओं में वृद्धि सुनिश्चित करे, जिससे जनपद की जीडीपी में निरंतर बढ़ोतरी हो सके। उन्होंने एलडीएम को निर्देश दिए कि अण्डा उत्पादन के लिए ऋण प्राथमिकता पर दिया जाए।
उन्होंने सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि विभागीय लक्ष्यों की नियमित समीक्षा करते हुए आपसी समन्वय के साथ कार्य करें तथा प्रत्येक तिमाही में निर्धारित प्रगति सुनिश्चित करें। साथ ही योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के माध्यम से जनपद की अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ बनाने में अपनी सक्रिय एवं उत्तरदायी भूमिका निभाएं।
इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी उत्कर्ष द्विवेदी, नगर मजिस्ट्रेट रजनीकांत, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ विवेक कुमार मिश्रा, पीडी डीआरडीए अवधेश राम, जिला विकास अधिकारी ऋषिपाल सिंह एवं डीसी मनरेगा यशोवर्धन सिंह सहित अन्य संबंधित अधिकारी एवं निर्माण कार्य दायी संस्था के अभियंता मौजूद रहे।


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