हरदोई: विवियापुर के सिद्धेश्वरनाथ मंदिर में सावन की पूजा को लेकर तैयारियां शुरू
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| फोटो: श्री सिद्धेश्वरनाथ मंदिर बीवियापुर |
हरदोई /भरखनी
यूपी के हरदोई में भरखनी विकासखंड की ग्राम पंचायत धानी नगला स्थित प्राचीन श्री सिद्धेश्वर नाथ शिव मंदिर, विवियापुर में आस्था और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिलता है। सावन के पवित्र महीने में यहाँ सुबह से देर रात तक हर-हर महादेव और बम-बम भोले के जयकारे गूंजते हैं।
पांडवकालीन है मंदिर श्री सिद्धेश्वरनाथ मंदिर का इतिहास
स्थानीय मान्यता के अनुसार यह शिवलिंग स्वयंभू है। बताया जाता है कि द्वापर युग में पांडवों ने कल्पवास के दौरान यहां स्थापना करते हुए पूजा अर्चना की थी, जिसके सिद्ध चमत्कारों के कारण इसका नाम सिद्धेश्वर नाथ पड़ा। दशकों वर्ष पूर्व ग्रामीणों के सहयोग से इसे शाहजहांपुर के अल्हागंज निवासी ओमप्रकाश मिश्रा ने भव्य मंदिर का स्वरूप दिया था। मंदिर परिसर में टंगी हजारों घंटियाँ भक्तों की पूरी हुई मन्नतों की गवाह हैं।
हजारों श्रद्धालुओं की लगती है भीड़, सुरक्षा व्यवस्था करता पुलिस प्रशासन
पिछले सावन के पहले सोमवार को सवायजपुर के एसडीएम और शाहाबाद की एसडीएम ने स्वयं मंदिर पहुँचकर भगवान शिव का जलाभिषेक किया था, जिसके बाद से इस धाम की चर्चा पूरे जिले में और तेज हो गई है।इसके अलावा क्षेत्रीय विधायक माधवेन्द्र प्रताप सिंह भी अपने क्षेत्रीय भ्रमण के दौरान अक्सर सिद्धेश्वरनाथ मंदिर पहुंचकर पूजा अर्चना करते हुए आशीर्वाद लेते हैं। वार्षिक शिवरात्रि पर अक्सर यहां हजारों श्रद्धालु पंचलाघाट फर्रुखाबाद से गंगा जल भरकर भगवान् शिव को जल अर्पित करते हैं।इस दौरान श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए उनकी सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस प्रशासन मौजूद मुस्तैद रहता है।
हर सोमवार को दिखता है महाशिवरात्रि जैसा माहौल
मंदिर समिति के अनुसार हर सोमवार और महाशिवरात्रि में यहां का नजारा सावन के मेले जैसा होता है। सुबह 4 बजे से शुरू होने वाला जलाभिषेक देर रात तक जल अर्पित किया जाता है। हरदोई के अलावा फर्रुखाबाद, शाहजहांपुर, लखनऊ तक से हजारों श्रद्धालु यहां जल चढ़ाने आते हैं। समिति की ओर से सुरक्षा, पार्किंग और जलपान की विशेष व्यवस्था की जाती है।




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