उत्तर प्रदेश/शाहजहाँपुर/मिर्जापुर
जिले में गंगा और रामगंगा का जलस्तर खतरे के निशान के बेहद करीब पहुंच गया है, जिससे खादर क्षेत्र के दर्जनों गांवों में बाढ़ का पानी घुस गया है। बाढ़ खंड की आज सुबह 8 बजे की रिपोर्ट ने भी इसकी पुष्टि की है।
शारदा नहर खण्ड के बाढ़ प्रसारी अधिकारी की रिपोर्ट के अनुसार गंगा नदी भैंसार ढ़ाई घाट पर 143.500 मीटर पर बह रही है, जबकि खतरे का निशान 143.650 मीटर है। यानी गंगा खतरे से महज 0.150 मीटर नीचे है। इसी तरह रामगंगा डबरी घाट पर 136.810 मीटर पर है, जो खतरे के निशान 137.300 से 0.490 मीटर नीचे है।
राहत की बात है कि गर्रा नदी अजीजगंज पुल पर 144.900 मीटर (खतरे से 3.90 मीटर नीचे) और खन्नौत नदी लोधीपुर पुल पर 143.950 मीटर (खतरे से 1.80 मीटर नीचे) बह रही है। विभाग के अनुसार दूनी बैराज से गर्रा में 556 क्यूसेक और कटना नदी में 1300 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है।
जमीनी हालात खराब -
लगातार बारिश और बैराजों से पानी छोड़े जाने से खादर के निचले इलाकों के खेत-खलिहान जलमग्न हो गए हैं। किसानों की खड़ी फसल डूबने से नुकसान की आशंका है।
पैलानी उत्तर में हालात सबसे ज्यादा खराब हैं। गलियों में कई फीट पानी भरा है, घरों के अंदर तक पानी घुस गया है। ग्रामीणों को नाव-स्टीमर से आवाजाही करनी पड़ रही है। जलालाबाद-शमशाबाद स्टेट हाईवे पर चौरा के पास 2 फीट और धीयरपुरा रपटा पुलिया पर आधा फीट पानी सड़क के ऊपर बह रहा है, हालांकि यातायात फिलहाल जारी है। चारे के संकट से पशुपालक परेशान हैं।

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