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शाहजहांपुर में विधानसभा की टिकटों पर सपा प्रत्याशियों की बढ़ी धड़कने, पार्टी ने कराया गोपनीय सर्वे

 




सपा के दो गोपनीय सर्वे से टिकट के दावेदारों में हड़कंप, जलालाबाद से लेकर सदर तक घमासान

उत्तर प्रदेश/शाहजहांपुर


 उत्तर प्रदेश के 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले समाजवादी पार्टी ने जमीनी तैयारी तेज कर दी है। सपा से चुनाव लड़ने की इच्छा रखने वाले दावेदारों की धड़कनें दो गोपनीय सर्वे ने बढ़ा दी हैं। पार्टी ने जिला स्तर पर कोई आवेदन नहीं लिया है, सीधे राष्ट्रीय नेतृत्व से संपर्क साधने वाले नेताओं का ही गोपनीय सर्वे कराया है। प्रदेश कार्यालय से दो गोपनीय सर्वे पूरे हो चुके हैं और दोनों की रिपोर्ट राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के पास पहुंच चुकी है। पीडीए के जरिए जमीनी स्तर को मजबूत करने के साथ ही सपा प्रत्याशी चयन में भी काफी सतर्कता बरत रही है।


सपा जिलाध्यक्ष तनवीर खां का बयान 

 "राष्ट्रीय नेतृत्व से मिलकर चुनाव लड़ने की इच्छा जताने वालों का गोपनीय सर्वे कराया गया है। जमीनी स्तर पर जिनका काम बेहतर होगा, उसी को टिकट मिलेगा। जिसे भी टिकट मिलेगा, पूरा संगठन उसे पूरी मेहनत से चुनाव लड़ाएगा।"


टीमों ने क्षेत्र में संगठन की सक्रियता, जनसंपर्क, जनाधार, स्थानीय छवि और जीत की संभावना जैसे बिंदुओं पर फीडबैक जुटाया है।

1. जलालाबाद विधानसभा - सबसे ज्यादा दावेदारों की भीड़

जिले की सबसे चर्चित हॉट सीट जलालाबाद बनी हुई है। यहाँ पूर्व विधायक नीरज मौर्य, लोकसभा की पूर्व सपा प्रत्याशी ज्योत्सना कश्यप, डॉ सुची कश्यप और पूर्व मंत्री राममूर्ति सिंह वर्मा की परिवार जैसे कई नाम चर्चा में हैं। तिलहर से पूर्व विधायक रोशन लाल वर्मा और एक पुराने मुस्लिम चेहरे के सक्रिय बताए जाने से सियासी गलियारों में हलचल तेज है।


जलालाबाद में सपा का समीकरण कुर्मी, मुस्लिम और यादव वोटों पर टिका है, इसलिए पार्टी यहां ऐसा चेहरा तलाश रही है जिसकी सभी वर्गों में पकड़ हो। गोपनीय सर्वे में इसी समीकरण को परखा गया है। सर्वे के बाद कई दावेदार लखनऊ और दिल्ली में डेरा डाले हुए हैं। 

2. शाहजहांपुर नगर (सदर) विधानसभा - पूर्व MLC जयेश प्रसाद और जिलाध्यक्ष तनवीर खां के बीच सीधा मुकाबला

सदर सीट पर दो नाम सबसे आगे चल रहे हैं। जिसमें प्रमुख रूप से पूर्व एमएलसी जयेश प्रसाद और वर्तमान जिलाध्यक्ष तनवीर खां का नाम प्रमुख दावेदारों में है। दोनों ही लगातार क्षेत्र में सक्रिय हैं और अपने-अपने स्तर पर राष्ट्रीय नेतृत्व से संपर्क में भी हैं। कई विधानसभा चुनाव में सुरेश खन्ना से पराजय पा चुके सपा जिलाध्यक्ष तनवीर खान को सपा इस बार मौका देने के मूड में कम दिखाई पड़ रही है। जिसके कारण पूर्व एमएलसी जयेश प्रसाद सबसे ज्यादा मजबूत प्रत्याशी माने जाते हैं। हालांकि अभी यह कहना मुश्किल है कि सपा किसे अपना प्रत्याशी बनाकर नौ बार विधायक रहे वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना को टक्कर देती है।


सदर सीट पर पार्टी शहरी वोटर के साथ-साथ, ब्राह्मण ,अल्पसंख्यक और पिछड़ा वर्ग के समीकरण को साधना चाहती है। सर्वे टीम ने दोनों नेताओं की शहरी क्षेत्र में सक्रियता और संगठन के साथ तालमेल की रिपोर्ट तैयार की है। जो अभी राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के पास है जिस पर गहन अध्ययन और विचार किया जा रहा है।


जिले की अन्य सीटों का हाल -

• पुवायां से तीन नाम सामने आए हैं, जिनमें दावेदारी मजबूत करने की होड़ लगी है। • कटरा से राजेश यादव का नाम चर्चा में है। • ददरौल से लखन प्रताप सिंह सक्रिय हैं। • तिलहर व अन्य सीटों पर अवधेश वर्मा और अरविंद पाल जैसे नेताओं के नाम राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बने हुए हैं। 

कुल मिलाकर सपा ने साफ कर दिया है कि टिकट सिर्फ मांगने से नहीं, जमीनी काम और सर्वे रिपोर्ट के आधार पर ही मिलेगा। दो गोपनीय सर्वे के बाद तैयार रिपोर्ट के आधार पर अब आगे की रणनीति और संभावित उम्मीदवारों के चयन पर राष्ट्रीय नेतृत्व मंथन करेगा।

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